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    डेंगू बुखार के घरेलू उपाय | Home Remedies for Dengue in Hindi

      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय | Bukhar ke Gharelu Upaye

      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय
      डेंगू एक आम बुखार की तरह ही होता है साधारण बुखार और डेंगू के लक्षण में अंतर करना असंभव सहोता है डेंगू का बुखार मैं लापरवाही करने से ये इतना खतरनाक बन जाता है की ये किसी की जान भी ले सकता। डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो कि वायरस से होती है और यह वायरस मच्छरों के द्वारा काटने से होता है। यह बुखार एडीस नामक मच्छर कि काटने से होता है। यह मच्छर ज्यादातर साफ़ पानी में होते है और दिन में काटते है। यह ज्यादा उचाई पे नहीं उड़ सकते। बड़ो कि मुकाबले यह बच्चों में तेजी से फैलता है। इनके काटने कि बाद व्यक्ति को बुखार आने लगता है| पूरी दुनिया में हर साल करोड़ों लोग इसका शिकार होते है और सही इलाज ना मिल पाने पर अपने जीवन से हाथ धो बैठते है।अगर आपको डेंगू के लक्षण लगें तोह आप सबसे पहले अपने डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर की सलाह से आप अपना डेंगू टेस्ट करवाएं । इसमें आपके रक्त की जाँच होती है जिससे platelet count और ऐसे ही कई मापदंडों का पता चलता है।टेस्ट के मुताबिक और डॉक्टर के सुझाव अनुसार डेंगू का उपचार घर पर या हॉस्पिटल में हो सकता है। डेंगू कि बचाव कि लिए कुछ घरेलू उपाय है जिनकी मदद से बचना संभव है।

      डेंगू बुखार के लक्षण एवम डेंगू बुखार के घरेलू उपाय | Home Remedies for Dengue in Hindi

      डेंगू बुखार के लक्षण
      तेज़ बुखार, बदन टूटना , जी मिचलाना या नॉज़ीआ , रैशेस, आँख के पीछे दर्द, पेट में दर्द, नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव, रैशेस का बढ़ना, चक्कर आना, नज़र का धुंधला होना, बहुत अधिक थकान होना ।
      गिलोय । Giloy for Dengue Fever:
      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय गिलोय
      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय मैं आता है गिलोय, आप गिलोय बेल की डंडी को लेकर उसके छोटे छोटे टुकड़े कर ले। फिर दो गिलास पानी में इन गिलोय के छोटे छोटे टुकड़ो को उबालें। उबलने के बाद जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर दे और इसे ठंडा होने के लिए रख दे| जब पानी ठंडा हो जाए तो यह पानी रोगी को पिलाएं। मात्र ४५ मिनट के बाद बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ने शुरू हो जाएगे। यह डेंगू बुखार के लिए सस्ता और सबसे अच्छा इलाज है।गिलोय का पानी दिन में तीन बार पीने से भी डेंगू के उपचार में फ़ायदा मिलता है। सुबह शाम घी में या शहद में गिलोय का रस मिला कर पीने से खून की कमी दूर होती है।

      मेथी के पत्ते । Fenugreek Leaves:
      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय मैं आता है मेथी के पत्तेमेथी के पत्तों से भी डेंगू बुखार को कम किया जा सकता है| यह बहुत ही सरल और सस्ता उपाय है। आप मेथी की पत्तिया लेकर थोड़े से पानी में डुबोएं। कुछ समय बाद आप पत्तियो को निकाल कर वह पानी पी ले| इस पानी का सेवन करने से पीड़ित का दर्द दूर होगा। बुखार भी कम होने लगेगा और नींद में भी मदद मिलेगी। अप्प इन मेथी के पत्यो को उबाल कर चाय के रूप में भी इस का इस्तेमाल कर सकते है। आप मेथी के पाउडर को भी पानी में मिला कर पी सकते है। मेथी से शरीर के सारे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते है।

      पपीते के पत्ते । Papaya Leaves for Dengue Remedies:

      डेंगू बुखार के घरेलू उपाय पपीते के पत्ते

      पपीते की पत्तियों को डेंगू बुखार के लिए सबसे असरदायक दवा माना जाता है। इसमें मजूर एंजाइम होते है जो शरीर की पाचन किर्या को ठीक करते है। साथ ही शरीर में प्रोटीन को घोलने का काम करते है। आमतोर पर पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है। आप इसकी पत्तियों का ताजा रस निकाल के मरीज को दे। यह रस मरीज को दिन में तीन बार दे। ऐसा करने से एक दिन के बाद ही प्लेटलेट की संख्या बढ़ने लगेगी। पपीते की पतियों को कूट कर इसका रस निकाल ले। इसका रस पीने से आपके सिर का दर्द, कमजोरी महसूस होना,उलटी आना, थकान महसूस होना, बुखार आदि के लक्षण कम होने लगेंगे। आप इसकी पत्तियों को कूटकर खा भी सकते है।

      तुलसी | Basil:
      तुलसी को भी डेंगू बुखार में लेना अच्छा माना जाता है| आप तुलसी के पत्तों को गर्म पानी में उबालें। जब पानी थोड़ा हल्का गर्म हो तो यह पानी को छान के रोगी को पिलाएं। तुलसी की चाय भी डेंगू रोगी को आराम पुहचाती है। यह चाय रोगी को दिन में तीन बार दे। इसे पीने से रोगी को राहत मिलेगी। आप रोगी को तुलसी और नीम की पत्तियों का काढ़ा भी दे सकते है। यह काढ़ा पीना भी रोगी के लिए लाभकारी साबित होगा । आपको तुलसी के पत्तो में दो ग्राम काली मिर्च को पानी में उबाल कर पीने से भी आराम मिलेगा। अगर आप तुलसी में थोड़ा सा शहद मिला कर पिए। इससे भी आपको लाभ होगा।

      गोल्डनसील । Goldenseal:
      गोल्डनसील अमेरिका में पाई जाने वाली एक हर्ब है। इसका इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है। इस हर्ब में जल्दी से डेंगू वायरस को ख़त्म करने की क्षमता होती है। इसका प्रयोग भी पपीते की पत्तियों जैसा होता है। इसे आप कूट कर खा सकते है। आप इसका जूस भी पी सकते है और ऐसे भी इसको खा सकते है।

      बकरी का दूध । Goat’s milk:
      डेंगू बुखार के लिए बकरी का दूध बहुत प्रभावशाली दवा है| डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज को आप बकरी का दूध थोड़ा थोड़ा कर के पिलाए| इसे पीने से जोड़ो का दर्द ठीक होगा और सेल्स भी बढ़ने लगेंगे|

      संतरे का जूस । Orange Juice:
      संतरे में विटामिन सी भरपूर मात्रा मे पाया जाता है। यह शरीर की पाचन शक्ति और इम्यूनिटी को बढ़ाता है| इसका सेवन करने से आप जल्दी तंदरुस्त होंगे| अगर आप संतरे के रस में आवला और मौसमी बराबर मात्रा में डाल कर इसका रस निकल के पिए तो आपके शरीर का सुरक्षा चक्र मजबूत होगा|

      हल्दी | Turmeric:
      आप खाने  में हल्दी का अधिक प्रयोग करे| आप इसका उपयोग सुबह शाम एक गिलास पानी या हल्के गर्म दूध के साथ भी कर सकते है| यह सेल्स को बढ़ाने में और घाव को ठीक करने में मदद करती है|

      डेंगू बुखार मैं इन बातों का रखें परहेज़

      ठंडा पानी न पीएं, और फ़ास्ट फ़ूड मैदा का सेवन न करें।
      खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें।
      भोजन को हल्का रखें ,ज्यादा मिर्च मसाले वाला खना ना खाएं।
      -पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी को उबालकर पीएं।
      -खूब पानी पीएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं।
      शराब और सिगरेट आदि नशीले पदार्थों का उपयोग न करें।
      -ऐसी दवाओं से दूर रहें जो ब्लड प्लेटलेट काउंट कम करती हैं, जैसे कि एस्पिरिन, क्विनिन, सेफलोस्पोरिन और डिजिटॉक्सिन।