कब्ज़ की समस्या से है परेशान ? जानिये कब्ज़ के कारण और कब्ज़ दूर करने के उपाय (Constipation problem causes and treatment )

By | April 25, 2017
 

Constipation problem causes and treatment

क़ब्ज़ का इलाज कब्ज़ के कारण और कब्ज़ दूर करने के उपाय, kaz ka ilaazअगर आप कब्ज़ की प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं तोह आपका पूरा दिन असुविधाजनक और परेशानी भरा रहता है| यह ऐसी समस्या है जो दूसरी समस्या जैसे गला दर्द और सर दर्द से अधिक बड़ी है| इस प्रॉब्लम को आप न तोह आप किसी से शेयर कर सकते हैं और न ही इससे आसानी से बच सकते हैं| हालांकि, कब्ज के बारे में शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है, अगर इसका इलाज समय पर न किया जाये तोह यह आपके सरीर मैं दूसरी बीमारियों का कारण बन सकती है|

कब्ज के कारण ( Causes of Constipation)

अल्प खुराक : खराब आहार पशु वसा (डेयरी उत्पाद, मीट, और अंडे) का अधिक सेवन करने से कब्ज़ का कारण बनता है |अगर हम अपनी खुराक मैं रोजाना फ़ास्ट फूड्स, तला भुना की मात्रा ज्यादा रखेंगे, जो की बहुत ही स्पाइसी और मसाले वाला होता है| तो उससे स्वाभिविक है की हमारा पाचन तंत्र बिगड़ जायेगा| जो कब्ज़ का मुख्य कारण बनता है|

अल्प खुराक कब्ज कारण

अपर्याप्त द्रव(Liquid) का सेवन – पर्याप्त पानी नहीं पीने से सूखा मल हो सकता है। द्रव आंत में अवशोषित(obsorbed) हो जाता है, और जो लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, उनके मल को नरम रखने के लिए यह जरुरी हो जाता है की वह ज्यादा से ज्यादा द्रव(Liquid) खाद्य पदार्थों का सेवन करें|

अधिक मात्रा मैं चाय, कॉफ़ी और शराब पीना, जिससे आँतों मैं सूखापन आजाता है यह बदले में कब्ज तक पहुंच सकता है। शराब, बीयर, व्हिस्की और अन्य जैसे अल्कोहल पेय पदार्थों में एक निर्जलीकरण प्रभाव होता है जिससे निर्जलित होने से मल को गुजरना मुश्किल हो सकता है|

कब्ज के कारण

अधिक मात्रा मैं दवाइयों का सेवन  – कैल्शियम(calcium) या एल्यूमीनियम(Aluminium) वाली एंटासिड दवाएं पेट से जुडी कोई बीमारी का होना या फिर पेट का कैंसर|इन सभ वजहों से कब्ज़ हो जाता है |

सारा दिन एक जगह पे बैठे रहना या फिर कोई भी शारीरिक गतिविधि न करना – आजकल अधिकतर लोग अपनी नौकरी या अपने काम काज के चलते सारा दिन अपनी सीट पे बैठे बैठे व्यतीत करते हैं | जिससे शरीर की कोई गतिविधि नहीं होती है|

तनाव : भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से आजकल हर इंसान तनाव से ग्रस्त है|तनाव भी मुख्य कारण है कब्ज़ का|

गर्भावस्था : कब्ज गर्भावस्था के दौरान एक आम समस्या है। कुछ बिंदु पर गर्भवती महिलाओं के आधे हिस्से में कब्ज हो जाती है।प्रेग्नेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्टीरोन, जो कि पाचन तंत्र से भोजन के गुजरने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। जिसमें पाचन तंत्र भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि भोजन आंतों से धीरे-धीरे गुजरता है|

जुलाब का अति प्रयोग 

कब्ज़ दूर करने के उपाय (Constipation Treatment )

पर्याप्त पानी का सेवन  – सुबह सुबह 4 गिलास पानी खली पेट पीना चाइये, ऐसा करने से हमारी अंदर की सभी बीमारियां नस्ट होती हैं, और  पानी पीने के 45 मिनट बाद  ही कुछ खाएं| पानी का सेवन आप थोड़ा गुनगुना पानी की तरह भी कर सकते हैं  और इसमें थोड़ा सा नीम्बू और भी मिलकर ले सकते हैं |नींबू आपके पाचन तंत्र को बढ़ाने मैं मदद करता है विषाक्त पदार्थों को बाहर फ्लश करता है  हनी खट्टे स्वाद में कटौती करता है| आप अपने आँतों को नरम रखने के लिए  छाछ(लस्सी) का भी उपयोग कर सकते हैं|

व्यायाम की कमी – अगर आप चाहते हैं अपने सरीर मैं से बेकार मल को सही तरीके से बाहर निकालने वाला सिस्टम सुचारू रूप से चलता रहे|तोह इसक लिए आपको भी चलना होगा| केवल हमारी जीवन शैली ही नहीं जो हमारी डाइट मैं चेंज होने का मुख्य कारण है|जो हमारी कब्ज़ को बढ़ता है बल्कि हमारा अधिक देर तक बैठे रहना यह भी एक बहुत बड़ा मुख्य कारण है कब्ज़ का|

आहार में फाइबर – जिन लोगों के आहार में फाइबर की अच्छी मात्रा शामिल है उनमें कब्ज से पीड़ित होने की संभावना काफी कम है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर में समृद्ध पदार्थों का उपभोग करना महत्वपूर्ण है फाइबर कब्ज़ की समस्या को रोकता है।हर रोज उच्च फाइबर युक्त भोजन खाएं जैसे कि सीरियल्स और दलहन (राजमा, छोले, रागी), साबुत अनाज की ब्रेड जैसे कि पूर्ण अनाज की चपाती और ताजा फल व सब्जियां। फल जैसे कि अमरूद, सब्जियां जैसे कि गाजर और फूलगोभी में उच्च मात्रा में फाइबर होता है।

आयुर्वेदा को अपनाए –  आप सोने से पहले गर्म पानी के साथ दो या तीन त्रिफला गोलियां (आप पाउडर फॉर्म का इस्तेमाल भी कर सकते हैं) करने का प्रयास करें| गर्म पानी में एक चम्मच त्रिफला पाउडर मिलाकर एक बार में इसे पी लें। रात के मध्यम कुछ भी मत खाएं  और न ही पीएं| और आप देखें की त्रिफला अपना रात भर जादुई असर दिखायेगा। यह मिश्रण बहुत कड़वा स्वाद देता है और अगर आप इसे खाने मैं कठिनाई होती है, तो उसके लिए शहद की चम्मच जोड़ें|

फ्लेक्सीसेड तेल कब्ज के लिए एक बहुत ही सरल घरेलु उपाय है। यह आंतों की सफाई के साथ साथ मल को बाहर करने मैं मदद करता है|

एलोवेरा जेल का इस्तेमाल  – एलोवेरा को हम जलने और काटने वाली जगह पर लगते हैं| अगर इसे हम शुद्ध एलो वेरा के जेल को सीधा इसके पौधे इस्तेमाल करेंगे तोह यह हमारे शरीर की अंदरूनी सफाई भी करेगा और शरीर को रोगाणु से मुक्त रखने में मदद करता है|

दूध और इसबगोल का प्रयोग – इसबगोल आंतो से मल को बाहर कर देता हैं। विविध मल त्याग सम्बन्धी विकार जैसे कब्ज,
दस्त, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, पाइल्स के लिए तो यह रामबाण औषिधि हैं।

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