Android को टक्कर देगा Huawei HarmonyOS in Hindi

Launch of Huawei HarmonyOS | Huawei ने लांच किया अपना HarmonyOS

Huawei ने लम्बे इंतज़ार के बाद Android का विकल्प यानि के HongMeng OS आखिरकार लांच कर दिया है| आज के Huawei Developer Conference में कंपनी के सीईओ Richard Yu ने “HarmonyOS” की जानकारी देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया| उनका कहना है के HarmonyOS Android की ऊलना में तेज़ और सुरक्षित है| उन्हीने बताया के ये सॉफ्टवेयर मुख्या रूप से IoT (Internet of Things Device)  उत्पादों के लिए बनाया है जैसे के smart display, smart speaker, wearables or in-car device | ये उनका होम मेड ऑपरेटिंग सिस्टम है|

Huawei HarmonyOS

Huawei कंस्यूमर बिज़नेस ग्रुप के सीईओ Richard Yu ने कहा के ये, Android और IOS से अलग है| ये एक Microkernel पर आधारित है और Distributed OS है जो सभी परस्थितियों में सहज अनुभव प्रदान करता है| इसी के साथ उन्होंने कहा के ये कई devices को सहजता से सपोर्ट करेगा| डेवेलपर्स के लिए YU ने कहा के आप एक बार App बनाकर आसानी से अलग अलग उपकरणों पर Deploy कर सकते हैं|

Huawei का कहना है के Harmony OS एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Open Source Operating System) है इसमें डेवेलपर्स ARK compiler के साथ app create कर सकते हैं| ये भी कहना है कि एक दिन HarmonyOS की जगह लेकर लोगों की अमेरिकी टेक्नोलॉजी के ऊपर निर्भरता को कम कर देगा| Yu का कहना है के HarmonyOS Microkernel पर आधारित होने के कारण बहुत कम संसाधनों का इस्तेमाल करेगा जिस से ऑपरेटिंग स्पीड तेज़ होगी| इसमें जो ARK compiler है वो C, C++, Java, javascript aur kotlin को सपोर्ट करता है|

एक खबर के मुताबिक Huawei कंपनी सितम्बर के बीच में या इस साल के अंत तक HarmonyOS के साथ एक स्मार्टफोन लांच करेगी और वो स्मार्टफोन Harmony OS पर चलने वाले Huawei Mate 30 सीरीज का हो सकता है| इस सीरीज में Huawei Mate 30,Huawei Mate 30 Lite और Huawei Mate 30 pro होंगे | Mate 30 pro मॉडल 40 मैगपिक्सेल सेंसर के साथ लांच किया जायेगा|

अब आपको बता दें के Huawei को ये ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

आपको बता दें कुछ महीने पहले अमेरिका के Huawei पर अमेरिकी नागरिकों की जासूसी करने का आरोप लगाया था| इसी के चलते अमेरिका ने Huawei को अमेरिका में बैन कर दिया था और ब्लैकलिस्ट करके NTT लिस्ट में डाल दिया| गौरतलब है के इस लिस्ट में जाने के बाद कोई भी कंपनी अमेरिकी कंपनियों के साथ बिज़नेस नहीं कर सकती| इसके बाद ही Huawei कंपनी ने कहा के वो अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम बनाएंगे|

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